एजेंडा एवं विचारधारा
न्याय • समानता • वैज्ञानिक विकास • संवैधानिक जागरूकता
ऐसी कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका का निर्माण जो निश्चित समय सीमा में जनता के हितों की रक्षा करे।
जिला से तहसील स्तर तक ऐसी न्याय व्यवस्था जो प्रत्येक नागरिक को समय पर न्याय प्रदान करे।
राष्ट्रपति से लेकर मजदूर के बच्चे तक सभी के लिए समान पाठ्यक्रम, समान माध्यम और समान मूल्यांकन प्रणाली।
कृषि, व्यापार, विज्ञान, उद्योग और पर्यावरण के बीच मजबूत तालमेल स्थापित करना।
विश्वविद्यालयों को स्वायत्त बनाकर आरक्षण प्रणाली लागू करना और युवाओं की प्रतिभा को निखारना।
प्रत्येक जिला मुख्यालय पर SC/ST/OBC/अल्पसंख्यक वर्ग के लिए खुली साक्षात्कार प्रणाली।
भारतीय संविधान की शिक्षा को अनिवार्य बनाकर सभी नागरिकों को उनके अधिकार और कर्तव्यों के प्रति जागरूक करना।
हर नागरिक की क्षमता का उपयोग कर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना।